You are here
Home > YOGA (Page 2)

त्रिकोणासन कैसे करें

Trikonasana दोनों पैरों को दो फुट की दूरी पर रखकर सीधे खड़े हो जाइए| फिर दोनों हाथों को कन्धों की समरेखा में सीधे फैलायें| अब आपकी भुजाएं जमीन के बिल्कुल समानान्तर होनी चाहिए| अब धीरे-धीरे राइट ओर झुकें| लेफ्ट घुटना सीधा और तना हुआ रहे| अब राइट पैर के अंगूठे को

पूर्णचक्रासन कैसे करें

Purnachakrasana अपने दोनों हाथों को जमीन पर एक दूसरे से, एक हाथ की दूरी पर स्थित करें| फिर हाथों की तरह ही दोनों पैरों के बीच भी एक हाथ की दूरी रख कर, एक ओर मोड़ें| अब लेफ्ट से राइट और राइट से लेफ्ट, दोनों पैरों के सहारे चारों ओर चलते

शुतरमुर्गासन कैसे करें

Shuturmurgasana सीधे खड़े होकर आगे झुक जाइए| अब दोनों हाथों को ज़मीन पर रखिए| उसके बाद पैर की एड़ियों को ऊपर उठाकर, पैर के पंजों और हाथ की हथेलियों को ज़मीन से उठाकर केवल उँगलियों को खोलकर जमीन पर लगाइए| अब इसी स्थिति में बने रहें| उसके बाद हथेलियों और एड़ियों

झूलासन कैसे करें

Jhoolasana जमीन पर बैठ जाइए| अब अपने लेफ्ट पैर की एड़ी राइट जांघ पर रखिए तथा राइट पैर की एड़ी लेफ्ट जांघ पर रखिए ताकि दोनों पैरों की एड़ियां आपस में मिल जाएं| दोनों हथेलियों को जमीन पर रख कर शरीर को ऊपर की ओर उठाइए| अब झूले की तरह आगे-पीछे

सुप्तवज्रासन कैसे करें

Suptavajrasana वज्रासन में बैठ जाइये| कमर के ऊपरी भाग को पीछे की ओर मोड़ते हुए| अपने सिर को जमीन से लगा दीजिए| फिर अपने दोनों हाथों को दोनों जांघों के पास स्थिर रखिए| लाभ: • इस आसन के निरन्तर अभ्यास से शरीर की थकान दूर होती है| • इस आसन के निरन्तर अभ्यास से

पादांगुष्ठासन कैसे करें

none

Padangushthasana पैर की ऐड़ी पर अपने पूरे शरीर का भार डालते हुए ज़मीन पर बैठ जाइए| ऐड़ी शरीर के मध्य में स्थित रहे| फिर दूसरा पैर घुटने के ऊपर रखें| अब आप चाहें तो सहारे के लिए अपने दोनों हाथों से दीवार या कमर पकड़ लें अथवा दोनों हाथों को जोड़कर

आकर्णधनुरासन कैसे करें

Aakarndhanurasana अपने पैरों को डंडे की तरह ज़मीन पर सीधे फैलाकर बैठ जाइए। दोनों एड़ियां और पंजे आपस में मिलाइए। राइट हाथ से लेफ्ट पैर के अंगूठे को पकड़िए। फिर लेफ्ट हाथ से राइट पैर तक के अंगूठे को पकड़िए। लेफ्ट हाथ से पैर के अंगूठे को लेफ्ट कान से स्पर्श

कन्दपीड़ासन कैसे करें

Kandpeedasana दोनों टांगें फैला कर ज़मीन पर बैठ जाइए। ऐड़ियों को मोड़कर नाभि पर लगाइए। अब अपने पैरों के पंजों को छाती के पास लगाइए। दोनों हाथ दोनों घुटनों पर रहें। लाभ: यह आसन जांघ, घुटने तथा पैर के लिए लाभदायक है। यह आसन नाड़ियों की विकृति को ठीक करता है। जिससे सभी नाड़ियाँ

गर्भासन कैसे करें

Garbhasana पद्मासन लगाकर बैठ जाइए। फिर जांघों तथा पिंडलियों के बीच से हाथों को धीरे-धीरे बाहर निकालिए। अब घुटनों को जहाँ तक सम्भव हो, ऊपर की ओर उठाइए। फिर कन्धे के पास लाने का प्रयास कीजिए। अब अपने दोनों हाथों से गले को सुगमता से पकड़ लीजिए। जब तक सम्भव हो

ऊधर्वसर्वांगासन कैसे करें

पीठ के बल ज़मीन पर लेट जाइए। सारे शरीर को खींच कर रखिए। दोनों हथेलियों को ज़मीन पर जांघ के पास लगाइए। अब दोनों हथेलियों पर दबाव डालते हुए धीरे-धीरे दोनों पैरों को सीधा खड़ा कीजिए तथा दोनों कोहनियों को मोड़ कर कमर को पकड़िए और सीधा रखिए। पैरों के

Top